मायावती का बड़ा ऐलान: BSP यूपी विधानसभा चुनाव 2027 अकेले लड़ेगी, बाबा साहेब के सम्मान के लिए अंबेडकरवादी जुटें

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मायावती का ऐतिहासिक फैसला

18 फरवरी 2026 को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि BSP प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। कोई गठबंधन नहीं होगा। यह फैसला राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है, क्योंकि पहले से ही सपा-बसपा गठबंधन की अटकलें चल रही थीं। मायावती ने इन अफवाहों को “फेक न्यूज” और “विरोधियों की साजिश” करार दिया।

मायावती का मुख्य संदेश: अकेले दम पर सरकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा, “जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, हमारे खिलाफ साजिशें बढ़ेंगी। यूपी में ही नहीं, पूरे देश में अंबेडकरवादी लोग बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान के लिए मजबूत आंदोलन चलाएं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन से BSP को हमेशा नुकसान हुआ है। 2007 में अकेले चुनाव लड़कर BSP ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी, और अब भी वही रणनीति अपनाई जाएगी।

मायावती ने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि सोशल मीडिया और कुछ मीडिया चैनलों पर फैलाई जा रही गठबंधन की खबरें भ्रामक हैं। वे बसपा को कमजोर करने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा, “हाथी की मस्त चाल चलते रहें, किसी अफवाह पर ध्यान न दें। हम अकेले ही पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे।”

गठबंधन की अफवाहों पर पलटवार

हाल के महीनों में सपा के साथ गठबंधन की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन मायावती ने इन्हें सिरे से नकार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी 2026 में भी उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। फरवरी में दोहराया गया यह बयान BSP की मजबूत इच्छाशक्ति दिखाता है। मायावती ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि वे बसपा को सत्ता से दूर रखने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं।

इसके अलावा, दिल्ली में टाइप-8 बंगला अलॉट होने पर भी सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्य फोकस चुनावी तैयारी पर है।

अंबेडकरवादियों से अपील: एकजुट हों

मायावती का सबसे महत्वपूर्ण संदेश बाबा साहेब के सम्मान पर केंद्रित था। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब के सम्मान के लिए

अंबेडकरवादी लोग देशभर में जुट जाएं।” BSP दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और सर्वजन हिताय के सिद्धांत पर चलती है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ‘सरवजन सुखाय’

फॉर्मूले पर काम करें और सामाजिक न्याय के आंदोलन को मजबूत बनाएं।

यूपी चुनाव 2027 में BSP की रणनीति

BSP अब 2027 के मिशन पर पूरी तरह फोकस कर रही है। पार्टी सभी सीटों पर मजबूत प्रत्याशी उतारेगी।

मायावती का मानना है कि जनता में बसपा के प्रति समर्थन बढ़ रहा है। कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और

अन्य मुद्दों पर सरकार की विफलता को BSP उठाएगी। अकेले लड़कर बसपा न केवल

अपनी ताकत दिखाएगी, बल्कि दलित-बहुजन वोट बैंक को एकजुट भी करेगी।

बसपा का नया अध्याय

मायावती का यह ऐलान BSP के लिए नया आत्मविश्वास लेकर आया है। अकेले चुनाव लड़ना

जोखिम भरा लग सकता है, लेकिन 2007 की जीत का इतिहास इसे संभव बनाता है।

अंबेडकरवादियों के लिए यह बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का मौका है।

क्या BSP 2027 में फिर से सत्ता हासिल कर पाएगी? यह समय बताएगा,

लेकिन मायावती की हुंकार साफ है – “अकेले चलेंगे, अकेले जीतेंगे।”

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