उत्तर प्रदेश में पुलिस टीम का दर्दनाक सड़क हादसा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिसकर्मियों के साथ एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। रामगढ़ताल थाने की पुलिस टीम जालसाजी के एक गंभीर मामले में कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में दबिश (छापेमारी) देने गई थी। ऑपरेशन पूरा कर लौटते समय बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में उनकी स्कार्पियो अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस भीषण हादसे में रामगढ़ताल थाने के दरोगा संतोष कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि वरिष्ठ उप निरीक्षक (एसएसआई) रमेश चंद्र कुशवाहा और महिला दरोगा गीता समेत कुल 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हादसे का पूरा विवरण
पुलिस टीम कुशीनगर से गोरखपुर की ओर लौट रही थी। खड्डा क्षेत्र से निकलकर महराजगंज के कतरारी चौकी के पास पहुंचते ही चालक का वाहन से नियंत्रण छूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर को झपकी आ गई, जिस कारण गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ गई और तेजी से सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि स्कार्पियो का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायल पुलिसकर्मी सड़क पर तड़पते रहे, जिसके बाद मौके पर पहुंची अन्य टीमों ने उन्हें एंबुलेंस से गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। इलाज के दौरान दरोगा संतोष कुमार ने दम तोड़ दिया। घायलों में एसएसआई रमेश चंद्र कुशवाहा और महिला दरोगा गीता की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि चालक और अन्य दो सदस्यों की स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
हादसे का कारण और जांच
प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की झपकी मुख्य कारण मानी जा रही है। लंबी ड्यूटी, रात भर चले ऑपरेशन और संभवतः घने कोहरे के कारण थकान हो सकती है। पुलिस ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, वाहन की स्पीड, मेंटेनेंस और ड्राइविंग शिफ्ट्स पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे हादसों से पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, लंबी ड्यूटी के नियमों और सड़क सुरक्षा पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस टीम की बहादुरी और नुकसान
यह टीम जालसाजी के गंभीर मामले में कार्रवाई के लिए गई थी, जो पुलिस की ड्यूटी और
जोखिम को दर्शाता है। दरोगा संतोष कुमार एक अनुभवी अधिकारी थे,
जिनकी मौत से विभाग में शोक की लहर है। महिला दरोगा गीता और एसएसआई रमेश चंद्र कुशवाहा
जैसे घायल पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर तैनात थे। यह घटना याद दिलाती है कि
पुलिसकर्मी न सिर्फ अपराधियों से, बल्कि सड़क हादसों से भी जूझते हैं।
सड़क सुरक्षा की जरूरत
यह दर्दनाक हादसा उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा, पुलिस वाहनों की कंडीशन और
ड्राइवरों की थकान प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार और पुलिस विभाग को
ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए, जैसे बेहतर शिफ्ट सिस्टम,
नियमित वाहन चेकअप और ड्राइविंग ट्रेनिंग। हमारी संवेदनाएं मृतक दरोगा
संतोष कुमार के परिवार और घायल पुलिसकर्मियों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें जल्द स्वस्थ करें।

