गोरखपुर में कर्मचारियों की बड़ी मांग: PM मोदी को ज्ञापन सौंपा
गोरखपुर, 16 फरवरी 2026। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के लिए आवाज बुलंद की है। परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आज कलेक्ट्रेट पहुंचा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के कार्यभार संभाल रहे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार सिंह को दिया गया।
परिषद ने कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को दोहराया और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की। रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “कर्मचारियों के भी मन की बात सुनें प्रधानमंत्री”। उन्होंने जोर दिया कि समय पर वेतन आयोग लागू न होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी हो रही है।
मुख्य मांग: 8वें वेतन आयोग का शीघ्र गठन और लागूकरण
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग आठवें वेतन आयोग की है। परिषद ने मांग की कि सरकारी कर्मचारियों को समय से आठवां वेतन आयोग लागू किया जाए। यदि वेतन आयोग के गठन या लागू होने में विलंब होता है, तो कम से कम 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में मर्ज कर अंतरिम राहत प्रदान की जाए।
इसके साथ ही परिषद ने स्पष्ट किया कि आठवें वेतन आयोग का लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पेंशनरों को भी इसका पूरा फायदा मिलना चाहिए। यह मांग लाखों पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो महंगाई के दौर में संघर्ष कर रहे हैं।
पेंशनरों के लिए विशेष राहत की मांगें
ज्ञापन में पेंशनरों से जुड़ी कई अहम मांगें शामिल हैं:
- 65 वर्ष, 70 वर्ष, 75 वर्ष और 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अतिरिक्त महंगाई भत्ता प्रदान किया जाए।
- रेल यात्रा में रियायत बहाल की जाए, जो पहले उपलब्ध थी।
- कोरोना काल में स्थगित किए गए डेढ़ वर्ष के DA एरियर का तुरंत भुगतान किया जाए।
ये मांगें कोरोना महामारी के दौरान प्रभावित हुए कर्मचारियों और पेंशनरों की पीड़ा को दर्शाती हैं। परिषद ने आशा जताई कि केंद्र और राज्य सरकार इन मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव के अलावा कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे। इनमें शामिल थे:
- अशोक पांडेय
- मदन मुरारी शुक्ल
- अनूप कुमार
- राजेश मिश्रा
- इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव
- इजहार अली
- निसार अहमद
- रामधनी पासवान
ये सभी सदस्य परिषद के सक्रिय पदाधिकारी हैं और कर्मचारी हितों के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
8वें वेतन आयोग का संदर्भ और महत्व
वर्तमान में 8वां वेतन आयोग केंद्रीय स्तर पर चर्चा में है और 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में लाखों राज्य कर्मचारी और पेंशनर इसका इंतजार कर रहे हैं। गोरखपुर जैसे जिलों में स्थानीय परिषदें सक्रिय होकर दबाव बना रही हैं ताकि लाभ समय पर मिले।
परिषद का यह कदम अन्य जिलों के कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकता है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कार्यालय तक यह ज्ञापन पहुंचेगा और जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
कर्मचारियों की उम्मीदें बरकरार
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर का यह प्रयास सरकारी कर्मचारियों और
पेंशनरों की लंबित मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का महत्वपूर्ण कदम है।
रूपेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीम ने स्पष्ट किया कि वे निरंतर संघर्ष जारी रखेंगे।
यदि सरकार शीघ्र निर्णय लेती है, तो करोड़ों परिवारों को राहत मिल सकती है।
गोरखपुर से निकली यह खबर पूरे प्रदेश के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है।

