कानपुर में हत्या और सुसाइड: रिटायर्ड फौजी ने खेला खूनी खेल, पत्नी-बेटे की हत्या कर ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

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कानपुर न्यूज: सेनपश्चिम पारा इलाके में एक रिटायर्ड फौजी ने घर में पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह खुद रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के सामने कूद गया और मौत को गले लगा लिया। यह दर्दनाक घटना पूरे कानपुर में सनसनी फैला रही है और परिवारों में दहशत का माहौल पैदा कर रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

घटना का पूरा विवरण

कानपुर के सेनपश्चिम पारा थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड फौजी (नाम अभी पुलिस द्वारा सार्वजनिक नहीं किया गया) ने शनिवार सुबह घर में अपनी पत्नी और बेटे पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी घर से निकला और नजदीकी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। वहां उसने खुद को आ रही ट्रेन के सामने फेंक दिया और ट्रेन के नीचे कटकर उसकी मौत हो गई।

परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार, घटना सुबह करीब 7-8 बजे के बीच हुई। घर से गोलियों की आवाजें सुनकर पड़ोसी दौड़े, लेकिन तब तक दोनों मृतक खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। रिटायर्ड फौजी ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया। पुलिस ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है।

पुलिस जांच और प्रारंभिक जानकारी

सेनपश्चिम पारा थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में हत्या और सुसाइड का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह पुरानी पारिवारिक रंजिश या मानसिक तनाव का नतीजा हो सकता है। रिटायर्ड फौजी की पेंशन, पारिवारिक विवाद या अन्य व्यक्तिगत कारणों की जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी कानपुर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि मामले की गहन जांच हो और जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए।

इलाके में सनसनी और सामाजिक प्रभाव

यह घटना सेनपश्चिम पारा और आसपास के इलाकों में भय और सदमे का माहौल पैदा कर रही है।

पड़ोसी बताते हैं कि रिटायर्ड फौजी शांत स्वभाव के थे और कभी किसी से

झगड़ा नहीं करते थे। परिवार में कोई बड़ी समस्या दिखाई नहीं दे रही थी। फिर भी

इतनी बड़ी घटना ने सभी को चौंका दिया है। स्थानीय लोग

सवाल उठा रहे हैं कि लाइसेंसी हथियारों की जांच और

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता। कई लोग इसे घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव से जोड़ रहे हैं।

हथियारों का दुरुपयोग और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल

यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग और रिटायर्ड सैनिकों के

मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि

सेना से रिटायरमेंट के बाद कई जवानों में

पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) या अन्य मानसिक समस्याएं सामने आती हैं

परिवारों को काउंसलिंग और सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में

इसकी कमी रहती है। पुलिस ने इलाके में हथियारों की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं।

यह दुखद घटना परिवारों के लिए सबक है कि छोटी-छोटी बातों को

नजरअंदाज न किया जाए और जरूरत पड़ने पर मदद ली जाए।

पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले के असली कारण सामने आएंगे।

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