फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार: यूनिवर्सिटी में नौकरी के नाम पर 16.30 लाख की ठगी, गोरखपुर पुलिस ने दबोचा आरोपी

गोरखपुर में फर्जी इंस्पेक्टर गोरखपुर में फर्जी इंस्पेक्टर

नौकरी के लालच में फंसे युवाओं की ठगी का खुलासा

गोरखपुर में एक बार फिर फर्जी पुलिस अधिकारी के धंधे का पर्दाफाश हुआ है। सिकरीगंज थाना पुलिस ने दिग्विजयनाथ नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का इंस्पेक्टर बताकर लोगों से प्रयागराज विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगे। प्रारंभिक जांच में आरोपी पर 16.30 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। एसपी साउथ दिनेश कुमार पूरी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी जनसुनवाई के दौरान मिली शिकायत के बाद हुई। यह घटना बेरोजगार युवाओं के साथ हो रही ठगी की गंभीर समस्या को उजागर करती है।

घटना का विवरण: जनसुनवाई में खुली पोल

मंगलवार को सिकरीगंज थाने में जनसुनवाई के दौरान पीड़ित धीरज शर्मा (भदारखास-बढ़यापार निवासी) ने तहरीर दी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति, जो पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी में था, ने प्रयागराज विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 6 लाख रुपये लिए। शिकायत मिलते ही एसएसआई के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सूचना के आधार पर आरोपी को उसके वाहन में वर्दी पहने हालत में दबोच लिया गया। पूछताछ में दिग्विजयनाथ (55 वर्ष, पुत्र स्व. रामलाल, ग्राम लखवापाकड़, थाना बेलघाट) ने अपना जुर्म कबूल लिया। जांच में पता चला कि उसने अन्य पीड़ितों से भी 5 लाख, 55 हजार और 25 हजार रुपये तक वसूले थे। कुल ठगी 16.30 लाख रुपये की पाई गई है।

बरामद सामान और ठगी का तरीका

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी सामान बरामद किया:

  • चार पहिया अल्टो कार (ठगी में इस्तेमाल)।
  • पुलिस यूनिफॉर्म, नेम प्लेट, बैज, पीकैप, कैप बेल्ट, मोनोग्राम, स्टार।
  • फर्जी पुलिस आईडी कार्ड और अन्य वर्दी संबंधी सामग्री। सभी सामान नकली पाया गया। आरोपी ग्रामीण इलाके से था, लेकिन गोरखपुर शहर में इंस्पेक्टर बनकर रौब जमाता था। वह बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता, पहले छोटी रकम लेता और फिर बहाने बनाकर पूरी ठग लेता। एसपी साउथ ने कहा कि पुलिस आरोपी के फोन, दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों का पता लगे और ठगी की पूरी रकम का खुलासा हो।

पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच

सिकरीगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 419 (छद्म वेश), 420 (ठगी) समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उसे जेल भेज दिया गया है। एसपी साउथ दिनेश कुमार पूरी ने टीम को बधाई दी और कहा कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों से आमजन की आवाज मजबूत हो रही है। ऐसे शातिरों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने अन्य पीड़ितों से अपील की है कि वे सिकरीगंज थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

सावधानी बरतें: नौकरी के नाम पर ठगी से बचाव

यह घटना गोरखपुर में नौकरी के नाम पर हो रही ठगी के बढ़ते मामलों को दर्शाती है। विशेषज्ञों की सलाह है:

  • किसी अजनबी को नौकरी का झांसा न दें।
  • सरकारी नौकरी की प्रक्रिया केवल आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से होती है।
  • पैसे देने से पहले सत्यापन जरूर करें।
  • संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। गोरखपुर पुलिस अपराध पर जीरो टॉलरेंस की
  • नीति पर अडिग है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है।

बेरोजगारी का दुरुपयोग कर रहे ठग

फर्जी इंस्पेक्टर दिग्विजयनाथ की गिरफ्तारी एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का

फायदा उठाने वाले ठगों की समस्या को उजागर करती है।

पुलिस जांच से अन्य पीड़ितों का पता लगना और ठगी की

रकम वापसी जरूरी है। युवाओं को सतर्क रहना होगा ताकि

नौकरी का सपना ठगी का शिकार न बने। गोरखपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है।

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