गोरखपुर में बड़ी कार्रवाई: लोनी गैंग का सरगना संजय आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पशु तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। बेलीपार पुलिस ने सोमवार को 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात पशु तस्कर संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। संजय लोनी गैंग का सरगना है, जो अपने रिश्तेदारों को शामिल कर पशु तस्करी का धंधा चलाता था। वह करीब एक साल से फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं।
पुलिस पर जानलेवा हमला और फरार होना
एसपी साउथ दिनेश पूरी के अनुसार, 15 सितंबर 2024 की रात बेलीपार पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संजय की अगुवाई में पिकअप सवार तस्करों ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर बरसाए और वाहन से कुचलने की कोशिश की। बैरिकेडिंग तोड़कर वे फरार हो गए। इस घटना के बाद संजय का नाम प्रमुखता से सामने आया। इसी वजह से चौरीचौरा थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य घटना में भी वह मुख्य संदिग्ध था, जहां पुलिस पर बैरिकेडिंग तोड़कर हमला किया गया था।
पुलिस जांच में पता चला कि संजय चौरीचौरा और झंगहा इलाके में सक्रिय था। उसके गैंग ने कई बार पुलिस को चकमा दिया। बेलीपार की वारदात के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ इनाम घोषित किया और लगातार छापेमारी की। आखिरकार मुखबिर की सूचना पर बेलीपार पुलिस ने उसे दबोच लिया।
संजय का अपराधिक इतिहास
बेलीपार थाना क्षेत्र के कसिहार गांव निवासी संजय कुमार पर गंभीर अपराधों के कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, चोरी और पशु तस्करी प्रमुख हैं। वह पहली बार 2021 में चोरी के एक मामले में जेल गया था। जेल से छूटने के बाद उसने अपने रिश्तेदारों को गैंग में शामिल किया और पशु तस्करी को मुख्य धंधा बनाया। गैंग के सभी सदस्य एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं, जो पहले छोटी-मोटी चोरी-लूट की वारदातें करते थे। अब वे संगठित होकर गोवंश तस्करी करते थे।
पुलिस के अनुसार, संजय का गैंग गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था।
वे रात के समय पिकअप से पशु लोड कर ले जाते और पुलिस चेकिंग में बाधा डालते।
चौरीचौरा कांड में उसका नाम आने से उसकी हिस्ट्रीशीटर छवि और मजबूत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद संजय को कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसके गैंग के
अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है। इस गिरफ्तारी से कुल 8 तस्करों के नाम सामने आए हैं।
एसपी ने बताया कि पशु तस्करी के
खिलाफ अभियान जारी रहेगा और ऐसे गैंगों को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
गोरखपुर में पशु तस्करी की घटनाएं पिछले कुछ समय से बढ़ी हैं। कई बार तस्करों और ग्रामीणों या
पुलिस के बीच झड़प हुई है। संजय जैसे हिस्ट्रीशीटरों की गिरफ्तारी से इलाके में राहत की लहर है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अपराधी रात में आतंक फैलाते थे,
अब पुलिस की सख्ती से सुधार आएगा।
यह गिरफ्तारी यूपी पुलिस की पशु तस्करी विरोधी मुहिम का हिस्सा है।
आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
संजय की गिरफ्तारी से लोनी गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जो अन्य गैंगों के लिए सबक है
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