गोरखपुर, फरवरी। भारत बचाओ, संविधान बचाओ आंदोलन के बैनर तले गोरखपुर में सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक पहल देखने को मिली। भारतीय किसान यूनियन (एम), पीडीएमएम गठबंधन एवं विश्व शांति मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय आंदोलन को तेज करने, उत्तर प्रदेश के चार राज्यों के गठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर व्यापक मंथन किया गया। इस ऐतिहासिक बैठक में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया और गोरखपुर से दिल्ली तक सामाजिक न्याय यात्रा शुरू करने जैसे अहम मुद्दों पर सहमति बनी।
सिटी मैरिज होम में चिंतन बैठक: जनता बदलाव चाहती है
सिटी मैरिज होम में आयोजित चिंतन बैठक और सम्मेलन के बाद मीडिया सेंटर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए नेताओं ने साफ किया कि देश और प्रदेश की जनता मौजूदा हालात से असंतुष्ट है और अब बदलाव चाहती है। नेताओं का कहना था कि सामाजिक न्याय, समान अधिकार और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अब निर्णायक संघर्ष का समय आ गया है।
संजय गुर्जर का बयान: पीडीएमएम गठबंधन मजबूती से उतरेगा
भारत बचाओ, संविधान बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पीडीएमएम गठबंधन के प्रमुख संजय गुर्जर ने कहा कि देश की जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और सामाजिक भेदभाव से त्रस्त है। उन्होंने कहा, “पीडीएमएम गठबंधन मजबूती के साथ जनता की आवाज बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में यह गठबंधन पूरी ताकत से उतरेगा। छोटे राज्यों के गठन की मांग को लेकर सामाजिक न्याय यात्रा के माध्यम से हम गांव-गांव, जिले-जिले जाकर जनता को जागरूक करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की रक्षा ही देश को बचाने का सबसे मजबूत रास्ता है।
डॉ. लताफत अली: एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक एकजुट होंगे
नेशनल लोकमत पार्टी (नेलोपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लताफत अली ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों को एकजुट कर एक मजबूत सामाजिक और राजनीतिक आधार तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पीडीएमएम गठबंधन से और भी कई संगठन एवं राजनीतिक दल जुड़ेंगे। “पूर्वांचल के हर जिले में संगठन को मजबूत किया जाएगा और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा,” उन्होंने कहा।
गौतम राणे सागर का हमला: भाजपा से मुक्ति की जरूरत
बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश प्रभारी गौतम राणे सागर ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा से मुक्ति चाहती है तो पीडीएमएम गठबंधन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में सबसे ज्यादा अपमान पिछड़े वर्गों, दलितों और मुसलमानों का हो रहा है, जो लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। “यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसके खिलाफ एकजुट संघर्ष जरूरी है,” उन्होंने जोर दिया।
सीमा परिहार: किसान-मजदूर की उपेक्षा खत्म हो
भारतीय किसान यूनियन (एस) महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा परिहार ने कहा कि किसान और मजदूर देश की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा, “देश में भेदभाव की राजनीति चल रही है। आज 85 प्रतिशत किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।”
संविदा कर्मचारियों के मुद्दे: सुनील कुमार श्रीवास्तव का ऐलान
अखिल भारतीय संविदा कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सामाजिक न्याय आंदोलन के तहत उत्तर प्रदेश के करीब 22 लाख संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भी एक बड़ी रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा और सभी को एक मंच पर लाया जाएगा।
जयेंद्र गुर्जर और डॉ. संपूर्णानंद मल्ल का संकल्प
भारतीय किसान यूनियन (एस) के राष्ट्रीय महासचिव जयेंद्र गुर्जर ने कहा कि संगठन
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मजबूती के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सामाजिक न्याय आंदोलन को आने वाले समय में और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।
पूर्वांचल के गांधी कहे जाने वाले डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने कहा कि
भ्रष्टाचारियों और समाज का शोषण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
“गोरखपुर से सामाजिक न्याय आंदोलन का बिगुल बज चुका है,” उन्होंने कहा।
अरुण कुमार श्रीवास्तव का आह्वान: गोरखपुर से दिल्ली पदयात्रा
विश्व शांति मिशन के अध्यक्ष एवं भारतीय किसान यूनियन (एस) के नेता अरुण कुमार
श्रीवास्तव ने गोरखपुर आगमन पर सभी संगठनों और नेताओं का स्वागत किया।
उन्होंने ऐलान किया कि आंदोलन को मजबूत करने के लिए पूर्वांचल के हर जिले का दौरा किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने गोरखपुर से दिल्ली तक प्रस्तावित पदयात्रा में
पूरे उत्तर प्रदेश की जनता से शामिल होने का आह्वान किया।
इस सम्मेलन और बैठक के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में
भारी उत्साह देखने को मिला। नेताओं के भाषणों के बाद
यह साफ संदेश गया कि सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और राजनीतिक बदलाव को लेकर
पीडीएमएम गठबंधन एक बड़े जन आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।


