UP न्यूज़: ‘सरकार ने जो पद दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में देंगे…’; शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अलंकार अग्निहोत्री को बड़ा ऑफर

अग्निहोत्री ने UGC नियमों अग्निहोत्री ने UGC नियमों

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। UGC के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया। इस्तीफे की खबर फैलते ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद अलंकार अग्निहोत्री को फोन किया और बातचीत के दौरान कहा, “सरकार ने जो पद दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में देंगे।” यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और उत्तर प्रदेश की राजनीति-धर्म के गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे का पूरा मामला

अलंकार अग्निहोत्री पिछले कई वर्षों से प्रशासनिक सेवा में थे और बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में सक्रिय थे। हाल ही में UGC के नए नियमों का विरोध करने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के कुछ शिष्यों के साथ हुई मारपीट की घटना में उनका नाम जोड़ा गया, जिससे वे बेहद आहत हुए। अलंकार ने कहा कि “यह सब राजनीतिक दबाव और धार्मिक भावनाओं पर हमला है। मैं अब सरकारी पद पर नहीं रहना चाहता।”

इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “UGC नियमों ने शिक्षा को केंद्रीकृत करने की कोशिश की, जबकि शिष्यों की पिटाई ने मेरी आस्था को ठेस पहुंचाई। अब मैं धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में काम करना चाहता हूं।”

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का फोन और बड़ा ऑफर

इस्तीफे की खबर मिलते ही ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री को व्यक्तिगत रूप से फोन किया। बातचीत में शंकराचार्य ने कहा, “आपने धर्म और संस्कृति के लिए जो आवाज उठाई, वह सराहनीय है। सरकार ने जो पद दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में देंगे। आप हमारे साथ जुड़कर संस्कृति, शिक्षा और आध्यात्मिक जागरण का कार्य करें।”

शंकराचार्य ने अलंकार को ज्योतिर्मठ से जुड़े आश्रमों, शिक्षा संस्थानों या धार्मिक कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान अलंकार ने कहा कि वे इस ऑफर पर विचार करेंगे, क्योंकि उनका इरादा अब सरकारी नौकरी से पूरी तरह मुक्त होकर समाजसेवा में लगना है।

सोशल मीडिया पर बवाल और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटना ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। #AlankarAgnnihotriResigns और #

ShankaracharyaOffer जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ लोगों ने

अलंकार की बहादुरी की तारीफ की, तो कुछ ने कहा कि यह “धर्म और राजनीति का मिश्रण” है।

विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला कि “UGC नियमों ने योग्य

अधिकारियों को मजबूरन इस्तीफा देने पर उतारू कर दिया।”

भाजपा नेताओं ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन अंदरूनी

सूत्रों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जल्द ही स्पष्टीकरण आ सकता है।

आगे क्या होगा?

अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा और शंकराचार्य का ऑफर उत्तर प्रदेश में धर्म,

शिक्षा और प्रशासन के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है।

अगर अलंकार ने ऑफर स्वीकार किया तो यह धार्मिक क्षेत्र में उनकी नई यात्रा का शुरुआती बिंदु होगा।

वहीं UGC नियमों और शिष्यों की पिटाई का मामला अब कोर्ट में भी जा सकता है।

यह घटना न केवल एक अधिकारी के इस्तीफे की है, बल्कि

उत्तर प्रदेश की राजनीति-धर्म की नई बहस की शुरुआत भी है।

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