वसंत पंचमी पर वृंदावन में आस्था का रंग
वृंदावन की पावन धरती पर वसंत पंचमी का पर्व आज विशेष उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। प्रसिद्ध शाहजी मंदिर, जिसे टेढ़े-मेढ़े खंभों के मंदिर के नाम से जाना जाता है, में साल में केवल दो बार खुलने वाला वसंती कमरा आज खोल दिया गया। वसंत पंचमी के अवसर पर श्रीजी ने भक्तों को खुलकर दर्शन दिए, जिससे मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रंग-बिरंगी झाड़-फानूस की रोशनी, फूलों की सजावट और भजन-कीर्तन के बीच यह दृश्य अद्भुत और दिव्य लग रहा था। मंदिर प्रबंधन ने पूरे परिसर को रोशनी और फूलों से सजाकर भक्तों का स्वागत किया।
शाहजी मंदिर और वसंती कमरे का महत्व
शाहजी मंदिर वृंदावन के सबसे प्राचीन और अनूठे मंदिरों में से एक है। इसके खंभे टेढ़े-मेढ़े होने के कारण इसे “टेढ़े-मेढ़े खंभे वाला मंदिर” कहा जाता है। मंदिर की सबसे खास बात इसका वसंती कमरा है, जो साल में केवल दो बार—वसंत पंचमी और अन्य विशेष अवसर पर—खुलता है। इस कमरे में श्री राधा-कृष्ण की विशेष मूर्तियां विराजमान हैं। मान्यता है कि वसंती कमरे में दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और वसंत ऋतु की कृपा प्राप्त होती है।
वसंत पंचमी के दिन कमरा खुलते ही सुबह से ही भक्त लाइन में लग गए। दोपहर तक हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके थे। शाम को भी वसंती कमरे में झाड़-फानूस की रंगबिरंगी रोशनी के बीच श्रीजी भक्तों को दर्शन देते रहेंगे। मंदिर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं ताकि सभी भक्त सुगमता से दर्शन कर सकें।
अद्भुत दृश्य और भक्तों का उत्साह
मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी लाइट्स, फूलों की मालाएं और पारंपरिक सजावट ने पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। झाड़-फानूस की चमकदार रोशनी में श्रीजी की मूर्तियां और भी दिव्य लग रही थीं। भक्त हाथ जोड़कर, कीर्तन गाते हुए और फूल चढ़ाते हुए दर्शन कर रहे थे। कई भक्त दूर-दूर से परिवार सहित आए थे। एक भक्त ने कहा, “वसंती कमरा खुलना वृंदावन में वसंत का असली आगमन है। श्रीजी के दर्शन से मन को शांति मिलती है।”
मंदिर के बाहर भी भीड़ का मेला लगा हुआ था। स्थानीय दुकानें फूल, प्रसाद और धार्मिक सामग्री से सजी हुई थीं। पुलिस और मंदिर समिति ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि किसी को असुविधा न हो।
वसंत पंचमी का धार्मिक महत्व
वसंत पंचमी को मां सरस्वती का जन्मदिन माना जाता है।
इस दिन विद्या, कला और संगीत की देवी की पूजा की जाती है।
वृंदावन में यह पर्व राधा-कृष्ण की वसंत लीला से भी जुड़ा है
। शाहजी मंदिर में वसंती कमरे का खुलना इस उत्सव को और विशेष बना देता है।
भक्त मानते हैं कि यहां दर्शन से जीवन में वसंत जैसी ताजगी और सुख-समृद्धि आती है।
वृंदावन में वसंत की बहार
वसंत पंचमी पर शाहजी मंदिर के वसंती कमरे का खुलना और श्रीजी के खुले दर्शन
वृंदावन के लिए एक दिव्य अनुभव साबित हो रहा है। टेढ़े-मेढ़े खंभों वाले इस
मंदिर में रंग-बिरंगी रोशनी और भक्तों की आस्था का संगम अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा है।
शाम को भी दर्शन जारी रहेंगे और भक्तों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है।
वृंदावन में आज वसंत की सच्ची बहार छाई हुई है,
जहां श्रीजी की कृपा से हर भक्त का मन आनंदित है

