गोरखपुर में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई: टेंडर बाबू अभिषेक भारती 5 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम लगातार सक्रिय है। ताजा मामला गोरखपुर के विद्युत वितरण मंडल द्वितीय, मोहद्दीपुर से जुड़ा है, जहां टेंडर बाबू अभिषेक भारती को ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह घटना 6 जनवरी के बाद हुई, जब अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रिलीज) जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन टेंडर बाबू ने रिलीज में देरी की और रिश्वत मांगी। ठेकेदार ने परेशान होकर एंटी करप्शन टीम को सूचना दी, जिसके बाद ट्रैप सेट कर कार्रवाई की गई।

घटना का पूरा विवरण

ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी ने विद्युत विभाग से 5 लाख रुपये की एफडीआर (सिक्योरिटी मनी) रिलीज कराने के लिए आवेदन किया था। अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने 6 जनवरी को रिलीज का आदेश जारी किया, लेकिन टेंडर बाबू अभिषेक भारती ने फाइल आगे नहीं बढ़ाई। ठेकेदार कई बार कार्यालय गया, लेकिन बाबू ने 5 हजार रुपये की मांग की। परेशान होकर ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम को शिकायत दी। टीम ने ट्रैप लगाया और जैसे ही शिव कुमार त्रिपाठी ने कार्यालय के बाहर बाबू को रुपये दिए और अपनी कार में बैठे, टीम ने उन्हें दबोच लिया। रिश्वती नोट बरामद हुए और हाथ पर लगे केमिकल से पुष्टि हुई।

एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई

एंटी करप्शन अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रैप सफल रहा। आरोपी टेंडर बाबू अभिषेक भारती को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि बाबू ने एफडीआर रिलीज के बदले रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने कहा कि विभागीय कामों में ऐसी देरी आम है और रिश्वत के बिना फाइल नहीं चलती। इस गिरफ्तारी से विभाग में हड़कंप मच गया है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ती एंटी करप्शन कार्रवाई

यह घटना यूपी में एंटी करप्शन टीम की हालिया सफलताओं की कड़ी है। पिछले कुछ महीनों में कई विभागों में रंगे हाथ गिरफ्तारियां हुई हैं, जैसे बिजली, राजस्व, पुलिस और यूनिवर्सिटी। योगी सरकार के निर्देश पर भ्रष्टाचार पर सख्ती बढ़ी है, जिससे आम नागरिक और

ठेकेदारों को राहत मिल रही है। गोरखपुर में यह मामला विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है,

जहां टेंडर और एफडीआर रिलीज जैसे कामों में रिश्वतखोरी आम बताई जाती है।

ठेकेदारों के लिए संदेश

ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई अन्य ठेकेदारों के लिए प्रेरणा है।

यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगे या काम में अनावश्यक देरी करे, तो तुरंत एंटी करप्शन

हेल्पलाइन या टीम से संपर्क करें। ट्रैप के जरिए रंगे हाथ पकड़ना अब आसान हो गया है।

सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का वादा किया है और ऐसी कार्रवाइयां इसी दिशा में कदम हैं।

यह घटना दर्शाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

यदि आप भी किसी विभाग में रिश्वत का शिकार हैं

, तो शिकायत दर्ज कराएं। एंटी करप्शन टीम की सफलता से समाज में विश्वास बढ़ेगा।

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