गोरखपुर में रेलवे कर्मचारियों और राज्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ भवन में एन.जे.सी.ए. (National Joint Council of Employees?) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जहां पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) की बहाली, आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल करने और फिटमेंट फैक्टर 3.86 की मांग प्रमुख रही। बैठक में सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए और सरकार पर दबाव बनाने का संकल्प लिया।
बैठक का आयोजन और प्रमुख नेता
बैठक की अध्यक्षता पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी नेता दीपक चौधरी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल मौजूद रहे। यह बैठक कर्मचारियों की एकजुटता और उनकी मांगों की गंभीरता को दर्शाती है।
पुरानी पेंशन व्यवस्था पर जोरदार मांग
महामंत्री विनोद राय ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारी एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) या यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “पुरानी पेंशन व्यवस्था के किसी विकल्प से समझौता नहीं होगा। सरकार को हर हाल में OPS बहाल करनी होगी।” साथ ही रेलवे में नियमित भर्तियां बढ़ाने, रेलवे अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने और कोरोना काल में नियमित कर्मचारियों की भूमिका को मान्यता देते हुए सभी विभागों में नियमित पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की। कोरोना में नियमित कर्मचारियों ने ही देश की सेवा की, इसलिए अब उनकी सुरक्षा और लाभ जरूरी है।
आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल करने की अपील
मुख्य अतिथि रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों में व्याप्त संशय पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को लाभ न देने की चर्चा निंदनीय है। “आठवें वेतन आयोग का लाभ कर्मचारियों के साथ पेंशनरों को भी मिलना चाहिए, और फिटमेंट फैक्टर 3.86 से कम नहीं होना चाहिए।” यह मांग कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में से एक है, क्योंकि इससे पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और महंगाई से राहत मिलेगी।
अन्य प्रमुख मांगें और कोरोना काल के भत्ते
विशिष्ट अतिथि मदन मुरारी शुक्ल ने राज्य सरकार से कोरोना काल में निलंबित भत्तों को तुरंत बहाल करने और पूर्व सहमतियों के अनुसार लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। बैठक में रेलवे कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं, नियमित भर्ती और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
उपस्थित प्रमुख कर्मचारी नेता
बैठक में अशोक पांडे पंडित, श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा,
जामवंत पटेल, देवेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, ईश्वर चंद विद्यासागर,
कुलदीप मणि त्रिपाठी, फिरोजुल हक, अभिषेक गुप्ता, अंशुमान पाठक, चंदेश्वर, शुभम गुरुंग, कैलाश प्रजापति,
अखिलेश त्रिपाठी, इजहार अली सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
उनकी मौजूदगी से बैठक में जनभागीदारी का मजबूत संदेश गया।
कर्मचारियों की एकजुटता का महत्व
यह बैठक दर्शाती है कि रेलवे और राज्य कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकजुट हैं।
यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे आंदोलन तेज हो सकता है।
कर्मचारी समाज का कहना है कि पुरानी पेंशन सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की गारंटी है।
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द आने वाली हैं,
ऐसे में पेंशनरों को शामिल करना और उचित फिटमेंट फैक्टर जरूरी है।
गोरखपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में यह मुद्दा गर्म है।
कर्मचारी संगठन सरकार से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े आंदोलन की आशंका है।

