ठगी की शुरुआत: मेडिकल कंपनी का झांसा
गोरखपुर में एक बार फिर निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फर्जी मेडिकल कंपनी का नाम इस्तेमाल कर पीड़ित से करीब 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। अप्रैल से मई 2025 के बीच बैंक ट्रांसफर और नकद के जरिए रकम ली गई।
पीड़ित को बताया गया कि कंपनी में निवेश करने से मोटा मुनाफा मिलेगा। मेडिकल सेक्टर में तेज विकास और हाई रिटर्न का लालच दिया गया। शुरुआत में छोटी रकम देकर विश्वास जीता, फिर बड़ी रकम मांगी।
कैसे हुई ठगी: ट्रांसफर और धमकी
ठगों ने फोन, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से संपर्क किया। कंपनी के फर्जी दस्तावेज और प्रॉफिट स्क्रीनशॉट दिखाए। पीड़ित ने बैंक ट्रांसफर से रकम भेजी। जब पैसा वापस मांगा तो धमकी दी गई – “पैसे मत मांगो, नहीं तो परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे”।
यह ठगी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से हुई। ठगों ने फर्जी कंपनी का नाम इस्तेमाल कर भरोसा बनाया। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की, जिस पर जांच शुरू हुई।
पुलिस जांच: ट्रांसफर का पता चला
गोरखपुर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेस करने पर अप्रैल-मई 2025 के दौरान कई ट्रांसफर सामने आए। ठगों के बैंक खाते फ्रीज कराने की कोशिश हो रही है।
पुलिस का कहना है कि ठग अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। मेडिकल कंपनी फर्जी थी, कोई रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। पीड़ित को सलाह दी गई कि ऐसे झांसे में न आएं।
ठगी के तरीके: आम पैटर्न
ऐसी ठगियां अब आम हो गई हैं। ठग निवेश, शेयर ट्रेडिंग या कंपनी में हिस्सेदारी का लालच देते हैं।
शुरुआत में छोटा रिटर्न दिखाकर भरोसा जीतते हैं, फिर बड़ी रकम ऐंठते हैं।
पैसा मांगने पर धमकी या ब्लॉक कर देते हैं।
गोरखपुर में पिछले समय भी कई निवेश ठगी के मामले आए हैं।
साइबर क्राइम सेल सक्रिय है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।
सतर्कता के उपाय: बचाव कैसे करें
- अनजान कंपनी या व्यक्ति के निवेश ऑफर पर भरोसा न करें।
- SEBI रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म ही इस्तेमाल करें।
- कोई भी ट्रांसफर करने से पहले दस्तावेज चेक करें।
- धमकी मिले तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल (1930) में रिपोर्ट करें।
- छोटे निवेश से शुरू कर रिटर्न चेक करें, बड़े अमाउंट से बचें।
समाज के लिए चेतावनी: जागरूक रहें
यह घटना दिखाती है कि ठग अब मेडिकल जैसे सेक्टर का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं।
20 लाख जैसी बड़ी रकम गंवाने से परिवार प्रभावित होता है।
पुलिस जांच जारी है, उम्मीद है आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।

