कुशीनगर हत्याकांड: मां और पत्नी को पत्थर से कूटा, खोपड़ी से खाया मांस, छत से फेंके टुकड़े – सिकंदर की हैवानियत से कांप उठे लोग

कुशीनगर में कुशीनगर में

कुशीनगर में सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। 12 जनवरी 2026 की रात स्थानीय गांव में रहने वाले युवक सिकंदर (उम्र 32 वर्ष) ने पारिवारिक विवाद के दौरान अपनी मां और पत्नी की क्रूर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने इतनी हैवानियत दिखाई कि लोग कांप उठे – उसने दोनों की खोपड़ी से मांस नोचकर खाया और फिर शवों के टुकड़े छत से नीचे फेंक दिए।

घटना का पूरा विवरण

पुलिस के अनुसार:

  • सिकंदर लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था और परिवार के साथ अक्सर झगड़ा करता रहता था।
  • रात करीब 11 बजे घर में छोटी-सी बात पर विवाद बढ़ा।
  • आरोपी ने गुस्से में पत्थर उठाया और पहले अपनी पत्नी (उम्र 28) और फिर मां (उम्र 55) के सिर पर कई बार वार किए।
  • दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
  • हत्या के बाद सिकंदर ने शवों से मांस नोचना शुरू किया और कुछ हिस्से खाने लगा।
  • इसके बाद वह छत पर गया और शवों के टुकड़े नीचे फेंकने लगा।
  • पड़ोसियों ने चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचा और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही कुशीनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आरोपी सिकंदर ने शुरुआत में विरोध किया, लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

  • शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया
  • घटनास्थल से खून से सने पत्थर और अन्य सबूत बरामद किए गए
  • फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया
  • आरोपी को मानसिक स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जाएगा

एसएसपी कुशीनगर ने बताया कि मामला पारिवारिक विवाद से शुरू हुआ, लेकिन आरोपी की क्रूरता ने इसे बेहद संवेदनशील बना दिया है। जांच जारी है।

समाज में फैली सनसनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे पूर्वांचल में हड़कंप मच गया है। लोग इसे “मानवता की हद पार करने वाली घटना” बता रहे हैं।

कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं और सरकार से बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की है। कुछ लोगों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक रोगियों की देखभाल और परिवार की जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।

निष्कर्ष

कुशीनगर की यह घटना सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य

, पारिवारिक तनाव और समाज की असंवेदनशीलता की गहरी समस्या को उजागर करती है।

सिकंदर की हैवानियत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।

उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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