उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची और वोटर गैप को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने कहा कि विशेष संशोधन अभियान (SIR) ने भाजपा को ही गड्ढे में गिरा दिया है, क्योंकि यूपी में 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। यह बयान योगी के पुराने दावे पर पलटवार है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपी में 4 करोड़ वोटर्स का गैप है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर कर रही है और सपा समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। यह विवाद 27 दिसंबर 2025 को और गर्म हुआ, जब SIR के आंकड़े सामने आए। अखिलेश ने कहा कि भाजपा की यह साजिश 2027 चुनाव से पहले है, ताकि विपक्षी वोट कम हों।
योगी ने पहले दावा किया था कि यूपी में वोटर्स और आबादी में बड़ा गैप है, जो घुसपैठ का संकेत है। लेकिन अब SIR में नाम कटने से भाजपा पर ही सवाल उठ रहे हैं। सपा ने कहा कि 2.89 करोड़ नाम काटना सामान्य नहीं है और इसमें सपा-कांग्रेस समर्थकों को निशाना बनाया गया। यह आरोप चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। भाजपा ने पलटवार किया और कहा कि SIR से फर्जी वोटर्स हटाए गए हैं, जो लोकतंत्र की सफाई है। यह विवाद यूपी में वोट बैंक राजनीति को गरमा रहा है। अखिलेश ने कहा कि SIR ने भाजपा की पोल खोल दी है और जनता जवाब देगी।
अखिलेश का बयान: SIR ने BJP को गड्ढे में गिराया
*अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखा हमला बोला। मुख्य अंश:
- SIR ने भाजपा को गड्ढे में गिरा दिया।
- यूपी में 2.89 करोड़ नाम कटे।
- सपा समर्थकों को निशाना।
- योगी के 4 करोड़ गैप दावे पर पलटवार।
- चुनावी साजिश।
- जनता जवाब देगी।
- मतदाता सूची हेरफेर।
अखिलेश ने कहा, “भाजपा की पोल खुल गई।”
SIR के आंकड़े: 2.89 करोड़ नाम कटे
विशेष संशोधन अभियान के आंकड़े:
- यूपी में 2.89 करोड़ नाम हटाए।
- फर्जी या डुप्लीकेट वोटर्स।
- नए नाम जोड़े भी।
- चुनाव आयोग प्रक्रिया।
- कई जिलों में ज्यादा कटौती।
- विपक्ष का आरोप पक्षपात।
- भाजपा का दावा सफाई।
यह आंकड़ा विवाद का केंद्र है।
योगी का पुराना दावा: 4 करोड़ वोटर्स गैप
योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था:
- यूपी में वोटर्स और आबादी में 4 करोड़ गैप।
- घुसपैठ का संकेत।
- फर्जी वोटर्स।
- जांच की मांग।
- सुरक्षा मुद्दा।
- विपक्ष पर हमला।
- चुनावी लाभ।
अब अखिलेश ने इसे उल्टा घुमाया।
राजनीतिक विवाद: आरोप-प्रत्यारोप
यह मुद्दा गर्म:
- सपा: साजिश।
- भाजपा: सफाई।
- विपक्ष एकजुट।
- चुनाव आयोग पर सवाल।
- 2027 चुनाव मुद्दा।
- सोशल मीडिया बहस।
- जनता में चर्चा।
विवाद बढ़ रहा है।
प्रभाव: 2027 चुनाव पर असर
यह विवाद से:
- वोट बैंक प्रभावित।
- सपा मजबूत।
- भाजपा बचाव।
- जांच मांग।
- मतदाता जागरूक।
- राजनीतिक रणनीति।
- यूपी में हलचल।


