लखनऊ/गोरखपुर/उत्तर प्रदेश, 26 दिसंबर 2025: योगी सरकार की उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति 2022 के तहत ई-वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट मिलने से प्रदेश में ई-रिक्शा की बिक्री में भारी उछाल आया है। यह छूट अब 13 अक्टूबर 2027 तक बढ़ा दी गई है, जिससे ई-रिक्शा खरीदने की होड़ मच गई है। डीलरों के यहां ग्राहक लाइन लगे हैं, और यह कारोबार अब मुनाफे का बड़ा स्रोत बन चुका है।
टैक्स छूट की वजह से क्यों मचा बूम?
- पहले: ई-रिक्शा पर 9-11% रोड टैक्स + रजिस्ट्रेशन फीस लगती थी, जिससे 20-50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च आता था।
- अब: 100% छूट से खरीदारी पर 20-50 हजार रुपये की सीधी बचत। केंद्र की FAME-II सब्सिडी + राज्य की अतिरिक्त मदद से कुल लागत और कम हो जाती है।
- कीमत: ई-रिक्शा अब 1.2-1.8 लाख रुपये में उपलब्ध, पारंपरिक पेट्रोल/डीजल रिक्शा से 30-50% सस्ता।
- चलाने का खर्च: बिजली चार्जिंग पर सिर्फ 50-100 रुपये/दिन, जबकि ईंधन में 300-500 रुपये लगते थे।
मुनाफे का कारोबार कैसे बन रहा है?
- रोजाना कमाई: शहरों में 800-1500 रुपये तक आसानी से कमाई संभव।
- निवेश वापसी: 1-1.5 साल में पूरा निवेश रिकवर, उसके बाद शुद्ध मुनाफा।
- रोजगार का स्रोत: बेरोजगार युवा, ड्राइवर और छोटे व्यापारी इसे अपना बिजनेस बना रहे हैं। गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ जैसे शहरों में डीलरशिप पर बिक्री दोगुनी-तिगुनी हो गई है।
- पर्यावरण फायदा: प्रदूषण कम, सरकार का लक्ष्य भी पूरा हो रहा है।
चुनौतियां और सलाह
चार्जिंग स्टेशन की कमी (खासकर ग्रामीण इलाकों में) और बैटरी रिप्लेसमेंट कॉस्ट अभी भी मुद्दा है,
लेकिन कमाई से ये आसानी से कवर हो जाता है।
अगर आप ई-रिक्शा खरीदने की सोच रहे हैं तो जल्दी करें – upevsubsidy.in पर आवेदन करें और छूट का फायदा उठाएं!

