प्रदेश में आए दिन जमीनी विवाद में कई पीढियां तक चलने वाले मुकदमों, आए दिन निर्दोष लोगों की हत्याओं को रोकने, अनेक वर्षों तक जेल में बंद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए
पूर्वांचल गांधी डॉक्टर संपूर्णानंद मल्ल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए मांग किया है कि यदि जमीन से जुड़े विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करना है तो इसके लिए ‘जिला भूमि विवाद निस्तारण विभाग’ गठित करना होगा
अपने पत्र में पूर्वांचल गांधी ने बताया है कि पिछले वर्ष 2 अक्टूबर को देवरिया के फतेहपुर रुद्रपुर तहसील में जमीन विवाद में 6 लोगों की हत्या हो गई थी.
यदि जमीन विवाद बरसों से लंबित न रहता और समय से निस्तारित कर दिया गया होता तो निर्दोष लोगों की हत्या न हुई होती. 4 अक्टूबर को मै वहां गया था जहाँ प्रेस वार्ता करके
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से ‘लैंड डिस्प्यूट डिस्पोजल डिपार्टमेंट’ गठित करने संबंधी एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया.
इसके जरिये निवेदन किया था कि “जमीन संबंधी कोई विवाद 30 दिनों में निस्तारित कर दिया जाए” परंतु ‘जिला भूमि विवाद निस्तारण विभाग का गठन नहीं किया गया.
31 अक्टूबर को जौनपुर में ताइक्वांडो खिलाड़ी अनुराग की हत्या जमीनी विवाद का परिणाम है. इन्होंने पुनः आग्रह करते हुए जिला भूमि विवाद निस्तारण विभाग गठित करने की माँग दुहराया है
ताकि किसी भी तरह के भूमि विवाद को एक माह में निस्तारित कर दे. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश में 99% हत्या, अपराध, दुर्घटना आदि जमीनी विवाद एवं शराब के कारण हो रही हैँ.

