SIR में यूपीएससी: उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची का बड़े पैमाने पर शुद्धिकरण चल रहा है। गोरखपुर जिले में करीब 6.47 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने की संभावना है। ये नाम मुख्य रूप से मृत, अनुपस्थित (घर पर न मिलने वाले), स्थायी रूप से स्थानांतरित या डुप्लीकेट एंट्री वाले हैं।
जिला प्रशासन और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा घर-घर सत्यापन के दौरान ये आंकड़े सामने आए हैं। गोरखपुर में कुल रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या करीब 36-40 लाख के आसपास है, जिसमें से 9% से अधिक (लगभग 3 लाख+) पहले ही ‘मिसिंग’ पाए गए थे, लेकिन अब कुल प्रभावित संख्या बढ़कर 6.47 लाख तक पहुंच गई है।
क्यों कट रहे इतने नाम? मुख्य कारण
- मृत मतदाता: लंबे समय से मौत हो चुकी, लेकिन नाम सूची में बने हुए।
- अनुपस्थित/शिफ्टेड: शहरों में नौकरी/पढ़ाई के कारण गांव छोड़कर चले गए, लेकिन नाम पुराने पते पर।
- डुप्लीकेट एंट्री: एक ही व्यक्ति के कई जगह नाम दर्ज।
- पलायन और शहरीकरण: गोरखपुर जैसे जिलों में युवा बाहर जाते हैं, लेकिन वोट गांव में रखते हैं या फॉर्म नहीं भरते।
आखिरी मौका: सत्यापन और दावा-आपत्ति की समयसीमा
चुनाव आयोग ने SIR की डेडलाइन कई बार बढ़ाई है। अब उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया अंतिम चरण में है:
- ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशन: दिसंबर अंत तक (कुछ जिलों में जारी, UP के लिए 31 दिसंबर तक अपेक्षित)।
- दावा-आपत्ति का समय: ड्राफ्ट जारी होने के बाद जनवरी 2026 तक (लगभग 15-22 जनवरी तक)।
- अंतिम मतदाता सूची:फरवरी 2026 में प्रकाशित होगी।
यदि आपका नाम कटने वाला है या पहले ही कट गया है, तो तुरंत कार्रवाई करें:
- ऑनलाइन चेक करें – वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in या nvsp.in पर जाएं। EPIC नंबर, नाम, जन्मतिथि से सर्च करें।
- फॉर्म भरें – नाम जुड़वाने/सुधार के लिए Form-6 (नया नाम) या Form-8 (सुधार) भरकर BLO को दें।
- दस्तावेज – आधार, पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली बिल आदि दिखाएं।
- BLO से संपर्क – स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर से मिलें या कैंप में जाएं।
- हेल्पलाइन – 1950 पर कॉल करें या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
गोरखपुर में स्थिति
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि SIR अभियान में BLOs द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए गए। कई मामलों में BLO की लापरवाही भी पाई गई, जिसके खिलाफ जांच चल रही है। गोरखपुर में पंचायत चुनाव 2025-26 और आगे विधानसभा चुनाव को देखते हुए सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाने का प्रयास है।
चुनाव आयोग का संदेश: घबराएं नहीं! यदि नाम गलती से कट गया है, तो दावा-आपत्ति के दौरान सुधार संभव है। हर पात्र नागरिक का नाम सूची में होना लोकतंत्र की मजबूती है।
अपना नाम अभी चेक करें, वोट का अधिकार बचाएं!

