गोरखपुर में बाघागाड़ा ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण पर चला बुलडोजर: अवैध निर्माण हटाए

गोरखपुर में बाघागाड़ा ओवरब्रिज गोरखपुर में बाघागाड़ा ओवरब्रिज

गोरखपुर शहर में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या का समाधान करने की दिशा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बाघागाड़ा ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया और अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। यह कार्रवाई 22 दिसंबर 2025 को हुई, जिससे ओवरब्रिज के नीचे की सड़क चौड़ी होगी और जाम से राहत मिलेगी। लंबे समय से इस क्षेत्र में दुकानें, ठेले और अवैध निर्माण ट्रैफिक की रुकावट बन रहे थे। प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किए थे, लेकिन अनदेखी करने पर बुलडोजर एक्शन लिया। यह कार्रवाई शहर के विकास और सुगम यातायात के लिए महत्वपूर्ण है।

स्थानीय लोग जाम से परेशान थे और अब राहत की उम्मीद कर रहे हैं। बाघागाड़ा ओवरब्रिज शहर का व्यस्त क्षेत्र है और यहां जाम रोजाना की समस्या थी। प्रशासन ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और हादसे कम होंगे। यह एक्शन योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। कई व्यापारियों ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था का भरोसा दिया। यह कार्रवाई शहर को स्मार्ट और जाम मुक्त बनाने की दिशा में कदम है। इस ब्लॉग में हम बाघागाड़ा अतिक्रमण कार्रवाई की पूरी डिटेल्स, कारण, लाभ, लोगों की प्रतिक्रिया और विकास पर प्रभाव बताएंगे। यदि आप गोरखपुर में रहते हैं या यात्रा करते हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है।

कार्रवाई की डिटेल्स: बुलडोजर से ध्वस्तीकरण

प्रशासन ने सुबह से कार्रवाई शुरू की। मुख्य बातें:

  • बाघागाड़ा ओवरब्रिज के नीचे अवैध निर्माण।
  • दुकानें, ठेले और अतिक्रमण हटाए।
  • बुलडोजर और पुलिस बल तैनात।
  • पहले नोटिस, फिर एक्शन।
  • सड़क चौड़ीकरण का काम।

यह कार्रवाई कई घंटे चली।

कारण: ट्रैफिक जाम और सुरक्षा

अतिक्रमण हटाने के मुख्य कारण:

  • रोजाना भारी जाम।
  • हादसे का खतरा।
  • सड़क संकरी।
  • अवैध कब्जा।
  • जनता की शिकायतें।

प्रशासन ने कहा कि जाम से शहर प्रभावित था।

बड़ा लाभ: जाम से राहत और सुरक्षा

कार्रवाई से फायदा:

  • सड़क चौड़ी, ट्रैफिक सुगम।
  • समय और ईंधन बचत।
  • हादसे कम।
  • शहर सुंदर।
  • विकास कार्य तेज।
  • यात्रा आसान।

लोग कहते हैं, “अब जाम नहीं लगेगा।”

लोगों की प्रतिक्रिया: मिश्रित भाव

प्रतिक्रिया मिश्रित:

  • राहत: “जाम से मुक्ति मिली।”
  • विरोध: व्यापारियों ने नुकसान।
  • वैकल्पिक जगह की मांग।
  • सराहना: “सही कदम।”
  • युवा उत्साहित।

प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था का भरोसा दिया।

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