गोरखपुर और पूर्वांचल में मौसम ने नया रंग दिखाया है। कोहरा थोड़ा कम हुआ है, लेकिन गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। 22 दिसंबर 2025 को तापमान में गिरावट जारी है और न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। एक महिला ने सरकार से लकड़ी का इंतजाम करने की मांग की है, क्योंकि गरीब परिवार आग तापने के लिए लकड़ी नहीं जुटा पा रहे हैं।
कोहरा कम होने से विजिबिलिटी बेहतर हुई है, लेकिन ठंडी हवाएं स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रही हैं। कई ट्रेनें घंटों लेट पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। यह मौसम फसलों और जनजीवन दोनों को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक गलन बनी रहेगी और धूप निकलने में समय लगेगा। लोग गर्म कपड़े और आग तापकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।
गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है। यह सर्दी पिछले सालों से ज्यादा कड़ी लग रही है। इस ब्लॉग में हम गोरखपुर मौसम की पूरी स्थिति, गलन का असर, महिला की मांग, ट्रेन लेट और बचाव के टिप्स बताएंगे। यदि आप गोरखपुर में हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है।
मौसम की स्थिति: कोहरा कम, गलन ज्यादा
गोरखपुर में मौसम का हाल:
- कोहरा कम, विजिबिलिटी 300-500 मीटर।
- ठंडी हवाएं 20-30 किमी/घंटा।
- न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री।
- दिन में भी ठिठुरन।
- रात में सबसे ज्यादा ठंड।
- सर्द हवाओं से गलन।
मौसम विभाग ने शीतलहर अलर्ट जारी किया है।
महिला की मांग: लकड़ी का इंतजाम
एक गरीब महिला ने सरकार से अपील की:
- लकड़ी नहीं मिल रही।
- आग तापने में दिक्कत।
- बच्चे और बुजुर्ग ठंड से बीमार।
- गरीब परिवार प्रभावित।
- सरकार इंतजाम करे।
यह मांग गरीबों की परेशानी दिखाती है।
ट्रेनें लेट: यात्रियों की मुश्किल
कोहरे और ठंड से ट्रेनें प्रभावित:
- कई ट्रेनें 4-6 घंटे लेट।
- गोरखपुर जंक्शन पर देरी।
- यात्री प्लेटफॉर्म पर ठिठुरे।
- कनेक्टिंग ट्रेन मिस।
- रेलवे ने अलर्ट जारी।
यात्रा प्लान प्रभावित हो रहा है।
स्वास्थ्य जोखिम: ठंड से बीमारियां
गलन और ठंड से:
- सांस की समस्या।
- जोड़ों का दर्द।
- वायरल फीवर।
- बच्चे और बुजुर्ग जोखिम में।
- अस्पतालों में मरीज बढ़े।
डॉक्टरों ने सावधानी की सलाह दी।
जनजीवन पर असर: घरों में कैद
ठंड से जनजीवन:
- बाजार में कम भीड़।
- स्कूलों में कम उपस्थिति।
- मजदूर काम पर नहीं जा रहे।
- फसलें प्रभावित।
- बिजली खपत बढ़ी।
लोग घरों में आग ताप रहे हैं।


