निषाद समाज और देशवासियों को अपील
निषाद समाज के बड़े भाइयों और देश के सभी सम्मानित नागरिकों, आज का समय मांग करता है कि हम आपसी एकता को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाएं। निषाद समाज ने हमेशा मेहनत, त्याग और संघर्ष के बल पर अपनी पहचान बनाई है। ये मूल्य न केवल निषाद समाज के हैं, बल्कि पूरे देश की नींव हैं। जब समाज मजबूत होता है, तभी राष्ट्र मजबूत होता है। एकता के बिना कोई समाज या देश आगे नहीं बढ़ सकता।
सच्ची एकता का मतलब: हर वर्ग का सम्मान
आपसी एकता किसी एक जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सच्ची एकता वह है जिसमें हर वर्ग, हर जाति और हर समुदाय सम्मान के साथ आगे बढ़े। मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन देशहित उनसे बड़ा होना चाहिए। जब हम समाजहित और राष्ट्रहित को साथ लेकर चलते हैं, तो विकास सबका होता है। खुशहाली हर घर तक पहुंचती है। एकता से ही हम गरीबी, अशिक्षा और अन्याय जैसी समस्याओं से लड़ सकते हैं।
निषाद समाज का संघर्ष: प्रेरणा का स्रोत
निषाद समाज का इतिहास संघर्षों से भरा है। नदी किनारे रहकर मेहनत करना, मछली पालन और खेती से जीवन चलाना – यह सब त्याग और ईमानदारी की मिसाल है। यह संघर्ष हमें सिखाता है कि मेहनत से ही बदलाव आता है। यही संदेश पूरे देश के लिए है। जब हर समाज एक-दूसरे का हाथ थामेगा, तब भारत मजबूत, समृद्ध और न्यायपूर्ण बनेगा। निषाद समाज की मेहनत अन्य समुदायों के लिए भी प्रेरणा है।
संकल्प लें: समाज जोड़ें, देश तोड़ें नहीं
आइए, हम सब संकल्प लें कि हम समाज को जोड़ने का काम करेंगे, देश को तोड़ने का नहीं। एकता, समानता और भाईचारे का रास्ता ही सच्चा राष्ट्र निर्माण का मार्ग है।
जब हम मिलकर चलेंगे, तब कोई ताकत हमें रोक नहीं सकती।
निषाद समाज की एकता पूरे देश के लिए उदाहरण बने।
हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह समाज को मजबूत बनाए।
एकता से भारत का भविष्य उज्ज्वल
एकता से ही हम सपना पूरा कर सकते हैं – विकसित भारत, जहां हर व्यक्ति सम्मान से जीए।
निषाद समाज की मेहनत और त्याग देश की ताकत है।
जब सभी समुदाय एक साथ आएंगे, तब भारत विश्व गुरु बनेगा।
यह संदेश हर दिल तक पहुंचे। एकता जिंदाबाद, भारत माता की जय!

