उत्तर प्रदेश में सर्दी का कहर जारी है। एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे से एक के बाद एक हादसे हो रहे हैं। हालिया त्रासदी में जली गाड़ियां, अधजली लाशें और नर कंकाल मिले, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा छोटी सी नादानी – तेज रफ्तार और सावधानी की कमी – से हुआ। घना कोहरा विजिबिलिटी जीरो कर रहा है, जिससे चेन रिएक्शन हादसे हो रहे हैं। पुलिस जांच कर रही है और घायलों का इलाज चल रहा है। यह घटना यूपी में सड़क सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करती है। परिवारों पर गहरा सदमा लगा है। इस ब्लॉग में हम इस दर्दनाक हादसे की पूरी डिटेल्स, कारण, पुलिस कार्रवाई और सड़क सुरक्षा टिप्स बताएंगे। यदि आप एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
हादसे का पूरा विवरण: जली गाड़ियां और कंकाल
हादसा यमुना या लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सुबह हुआ। कई वाहन आपस में टकराए और आग लग गई। मुख्य बातें:
- जली गाड़ियां: बस, कार और ट्रक पूरी तरह जल गए।
- अधजली लाशें और नर कंकाल मिले।
- मौतें: 13 लोग मौके पर या अस्पताल में मरे।
- घायल: 20+ , कई गंभीर।
- चेन रिएक्शन: एक टक्कर से कई वाहन प्रभावित।
- आग इतनी तेज कि बचाव मुश्किल।
फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।
मुख्य कारण: छोटी सी नादानी और घना कोहरा
यह त्रासदी छोटी सी नादानी से हुई। मुख्य कारण:
- घना कोहरा – विजिबिलिटी जीरो।
- तेज रफ्तार – स्पीड कम नहीं की।
- ओवरटेकिंग की कोशिश।
- फॉग लाइट बंद।
- ड्राइवर की लापरवाही।
कोहरा सर्द हवाओं और नमी से बना, जो एक्सप्रेसवे पर खतरनाक साबित हुआ।
पुलिस और बचाव कार्रवाई: जांच जारी
पुलिस ने तुरंत पहुंचकर:
- रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
- घायलों को अस्पताल भेजा।
- FIR दर्ज, ड्राइवरों पर।
- फॉरेंसिक टीम जांच।
- हाईवे पर ट्रैफिक कंट्रोल।
प्रशासन ने मुआवजा घोषित किया।

