गोरखपुर के दुर्गाबाड़ी क्रॉसिंग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां 2 ट्रेनों के शोर में मासूमों की चीख दब गई। 15 दिसंबर 2025 की सुबह एक महिला और उसकी बच्ची ट्रेन की चपेट में आकर मर गईं, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला (32 वर्ष) और बच्ची (5 वर्ष) बाइक पर क्रॉसिंग पार कर रहे थे, तभी दो ट्रेनें एक साथ गुजरीं और हादसा हो गया। गेटमैन की अनुपस्थिति और बैरियर न होने से यह त्रासदी हुई। घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया है। यह घटना गोरखपुर में रेलवे क्रॉसिंग सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करती है। परिवार पर गहरा सदमा लगा है और स्थानीय लोग गुस्से में हैं।
हादसे का पूरा विवरण: 2 ट्रेनों के शोर में दब गई चीख
हादसा दुर्गाबाड़ी क्रॉसिंग पर सुबह 8 बजे हुआ। महिला अपने बच्चे और एक अन्य व्यक्ति के साथ बाइक पर क्रॉसिंग पार कर रही थी। अचानक दो ट्रेनें एक साथ आईं – एक लखनऊ से गोरखपुर और दूसरी विपरीत दिशा से। ट्रेनों के शोर में चीखें दब गईं। महिला और बच्ची मौके पर मर गए, जबकि तीसरा व्यक्ति घायल हो गया।
- ट्रेनों की स्पीड तेज थी।
- क्रॉसिंग पर बैरियर नहीं था।
- गेटमैन ड्यूटी पर नहीं था।
- सुबह का कोहरा विजिबिलिटी कम कर रहा था।
ग्रामीणों ने शव निकाले और पुलिस को सूचना दी।
मुख्य कारण: गेटमैन अनुपस्थिति और लापरवाही
पुलिस जांच में सामने आया:
- गेटमैन ड्यूटी पर नहीं था।
- बैरियर टूटा हुआ।
- सायरन और लाइट खराब।
- 2 ट्रेनें एक साथ गुजरने से शोर ज्यादा।
रेलवे ने कहा, “जांच होगी, दोषी पर कार्रवाई।”
परिवार का दर्द: मां-बेटी की मौत से घर उजड़ा
महिला के पति और परिवार रो-रोकर बुरा हाल है। पति ने कहा, “मेरी पत्नी बच्ची को स्कूल छोड़ने जा रही थी। 2 ट्रेनों के शोर में उनकी चीख दब गई। गेटमैन होता तो बच जाते।” घायल व्यक्ति की हालत स्थिर है।
पुलिस और रेलवे कार्रवाई: जांच शुरू
पुलिस ने IPC 304A में FIR दर्ज की। रेलवे ने:
- गेटमैन सस्पेंड।
- क्रॉसिंग सुरक्षा जांच।
- सभी क्रॉसिंग पर गेटमैन तैनाती।
गोरखपुर क्रॉसिंग हादसे: आंकड़े चौंकाने वाले
- 2025 में 25+ हादसे, 18+ मौतें।
- मुख्य कारण: मानवरहित क्रॉसिंग।
- दुर्गाबाड़ी पर पहले भी हादसे।

