उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज महापरिनिर्वाण दिवस पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ के परिवहन भवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब के विचारों को अमल में लाने का समय है, ताकि एक समान और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण हो सके। इस अवसर पर उन्होंने दलित समाज और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जो उत्तर प्रदेश सरकार की सामाजिक न्याय नीति को मजबूत करेंगी। यह कार्यक्रम अंबेडकर जयंती 2025 के संदर्भ में और भी प्रासंगिक हो गया है, जहां सरकार ने सामाजिक समावेश पर जोर दिया।
महापरिनिर्वाण दिवस हर साल 6 दिसंबर को मनाया जाता है, जो बाबा साहेब के निर्वाण की पुण्यतिथि है। सीएम योगी ने कहा, “बाबा साहेब का सपना एक ऐसे भारत का था जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले। हम उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कटिबद्ध हैं।” कार्यक्रम में विधायक, अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
बाबा साहेब को श्रद्धांजलि: योगी का भावुक संदेश और ऐतिहासिक संदर्भ
सीएम योगी ने बाबा साहेब के जीवन और संघर्षों को याद करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने दलितों और वंचितों के लिए संविधान की रक्षा की। उन्होंने संविधान सभा में उनके योगदान का जिक्र किया, जहां बाबा साहेब ने समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत स्थापित किए।
- मुख्य उद्धरण: “बाबा साहेब ने कहा था कि राजनीतिक स्वतंत्रता के बिना सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता अधूरी है। आज हम उनके दर्शन को लागू कर रहे हैं।”
- कार्यक्रम में अंबेडकर चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
- योगी ने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहेब के विचारों को पढ़ें और अपनाएं।
यह श्रद्धांजलि भारतीय संविधान दिवस की भावना को मजबूत करती है, जहां सरकार ने अंबेडकर जयंती पर भी कई कार्यक्रम आयोजित किए थे।
महत्वपूर्ण घोषणाएं: दलित उत्थान और समान समाज के लिए योगी सरकार का रोडमैप
सीएम योगी ने समान और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए कई ठोस कदमों की घोषणा की, जो विशेष रूप से दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाएंगे। ये घोषणाएं उत्तर प्रदेश बजट 2025 के अनुरूप हैं और सामाजिक न्याय पर केंद्रित हैं।
| घोषणा का विवरण | लाभार्थी वर्ग | अपेक्षित प्रभाव |
|---|---|---|
| दलित उद्यमियों के लिए ₹500 करोड़ का विशेष फंड | दलित उद्यमी और स्टार्टअप्स | रोजगार सृजन, आर्थिक सशक्तिकरण |
| 10,000 नई स्कॉलरशिप्स अंबेडकर मॉडल स्कूलों में | दलित और पिछड़े छात्र | शिक्षा में समान अवसर |
| ग्रामीण क्षेत्रों में 500 अंबेडकर भवनों का निर्माण | दलित समुदाय | सामुदायिक विकास और सशक्तिकरण |
| महिलाओं के लिए न्यायपूर्ण समाज फंड: ₹200 करोड़ | दलित और पिछड़ी महिलाएं | स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा |
| संविधान जागरूकता अभियान: 1 लाख गांवों में | सभी वंचित वर्ग | बाबा साहेब विचारों का प्रसार |
ये घोषणाएं तत्काल प्रभावी होंगी, और सरकार ने मॉनिटरिंग कमिटी गठित करने का ऐलान किया। सीएम ने कहा, “ये कदम बाबा साहेब के सपनों को साकार करेंगे। हम किसी भी भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
कार्यक्रम का प्रभाव: सामाजिक न्याय की नई दिशा
यह कार्यक्रम योगी सरकार की सामाजिक न्याय नीति का हिस्सा है, जो अंबेडकर जयंती 2025 के बाद और मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये घोषणाएं उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देंगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सीएम की पहल की सराहना की, लेकिन कार्यान्वयन पर नजर रखने की मांग की।

