संविधान दिवस के मौके पर ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत देशभर में चल रहे विरोध कार्यक्रमों के
समर्थन में भाकपा (माले) गोरखपुर जिला इकाई ने आज जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया.
इसके बाद राष्ट्रपति भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया. भाकपा-माले के जिला सचिव राकेश सिंह ने कहा कि
“केंद्र सरकार ने देशभर के मजदूरों के व्यापक विरोध को नज़रअंदाज़ करते हुए पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर ‘चार श्रम संहिताएँ’ लागू कर दी हैं,
जो मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है और देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों के हितों को साधने वाला कदम है.”
नेताओं ने बताया कि नवीन श्रम संहिताओं के लागू होने से-मजदूरों के काम के घंटे 12 कर दिए गए हैं,
वेतन/मजदूरी निर्धारण का अधिकार पूरी तरह नियोक्ता के हाथों में चला जाएगा,
वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता,
ईएसआई और अन्य श्रमिक हितों की मांग करना कठिन हो जाएगा, और सबसे खतरनाक रूप से हड़ताल के लोकतांत्रिक अधिकार पर लगभग पूर्ण रोक लग जाएगी.
माले कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह कदम संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है और मजदूरों को गुलामी की ओर धकेलने वाला है.
प्रदर्शनकारियों ने मांग किया है कि सरकार तुरंत चारों श्रम संहिताओं के लागू होने पर रोक लगाए और मजदूर हितों को सुरक्षित रखने वाले पुराने श्रम कानूनों को बहाल करे.
कार्यक्रम में पार्टी के राज्य स्तरीय समिति के सदस्य राजेश साहनी, राज्य कमेटी सदस्य मनोरमा चौहान,
जिला कमेटी सदस्य चरगावा प्रभारी विनोद भारद्वाज, जिला कमेटी सदस्य खोराबार प्रभारी नन्दू प्रसाद,
जिला कमेटी सदस्य पी एन सिंह, शहरी गरीब मोर्चा के संयोजक दीनदयाल यादव, आर के सिंह, जय प्रकाश यादव,
जैनूल अंसारी जिला कमेटी सदस्य सुग्रीव निषाद, गुड़िया, आरती, भारती, रामानंद निषाद आदि लोग उपस्थित थे.

