तेजी से बदलती इस आधुनिक भारत में आर्थिक लेनदेन भी अब बहुत ही एडवांस हो चुका है.
शायद यही वजह है कि अपराधी भी खुद को अपडेट करते हुए अपराध करने के नए तरीकों को ईजाद कर लिया है.
इसी क्रम में जागरूकता फैलाने तथा लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए साइबर अपराध से जुड़ा प्रशासन कई तरह की सावधानियां बरतने को आगाह किया है.
बता दें कि टेलीग्राम/वाट्सएप/इन्स्टाग्राम के माध्यम से ”टास्क पूरा कर पैसे कमाये”, जैसे लुभावने अफवाहों से बचें. कभी भी टास्क पूरा करने के नाम पर पैसे जमा न करें.
क्रिप्टो करेंसी/बिट्क्वाईन में पैसे इनवेस्ट करने पर तीन गुना व उससे अधिक लाभ कमाने जैसे लुभावने जाल में न फसें.
GOOGLE पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करने में सावधानी बरतें क्योंकि वह नंबर SPAM हो सकते हैं.
हमेशा सर्विस प्रोवाइडर (बैंक /क्रेडिट कार्ड/ कूरियर/ शॉपिंग कंपनी आदि) की अथेंटिक वेबसाइट पर जाकर ही कस्टमर केयर नंबर सर्च करें और डायल कर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त करें.
लोन एप को डाउनलोड करने में सावधानी बरतें क्योंकि अप्रमाणित लोन एप डाउनलोड करने के बाद संदिग्ध आपकी कानटेक्ट लिस्ट/ फोटो व गोपनीय डाटा का गलत प्रयोग कर आपको ब्लैकमेल आदि करके पैसे की डिमांड कर सकते हैं.
इसलिए हमेशा आरबीआई की बेबसाइट से उनकी सत्यता की जाँच कर ही लोन की सुविधा ले या लोन हेतु अपने नजदिकी बैंक से सम्पर्क करें.
किसी भी साइबर फ्राड का शिकार होने पर तत्काल इसकी शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर 1930,
वेबसाइट- www.cybercrime.gov.in व नजदीकी पुलिस स्टेशन में करें. सावधान रहें, सुरक्षित रहें.

