राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक बैठक डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन में की गई जिसकी अध्यक्षता परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष इंजीनियर राम समुझ और संचालन महिला विंग की महामंत्री डॉ० सरिता सिंह ने किया.
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे देश में सिर्फ 3% कर्मचारी ही यूपीएस के लिए अप्लाई किए हैं जबकि 30 जून को फॉर्म सम्मिट करने की आखिरी तारीख है,
97% कर्मचारी इसे नकार रहे है इसलिए अब यह साफ हो गया कि यूपीएस कर्मचारियों के लिए यूज़लेस पेंशन स्कीम हो गई है. महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों/शिक्षकों का भविष्य
सिर्फ पुरानी पेंशन से ही सुरक्षित है एनपीएस और यूपीएस दोनों छलावा है. यदि एनपीएस और यूपीएस कितनी अच्छी है तो माननीय लोग इसे क्यों नहीं अपनाते हैं.
इससे प्रतीत होता है कि सरकार कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, वह स्वयं तो पुरानी पेंशन लेंगे लेकिन कर्मचारियों को एनपीएस और यूपीएस का झांसा देंगे कर्मचारी समाज अब इस झांसे में आने वाला नहीं है.
बैठक में अशोक पांडेय, राजेश सिंह, पंडित श्याम नारायण शुक्ल आदि लोगों ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव,
महिला मोर्चा की अध्यक्ष विनीता सिंह, मंत्री डॉक्टर सरिता सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रीता सिंह, बंटी श्रीवास्तव, फुलई पासवान, जामवंत पटेल, यशवीर श्रीवास्तव, राजू कुमार, वरूण बैरागी आदि कर्मचारी मौजूद रहे.


