पूर्वांचल के लाल के नाम से विख्यात गोरखपुर के अंतराष्ट्रीय युवा पर्वतारोही नीतीश सिंह ने वियतनाम की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट फांसिपन (3143 मी.) एवं थाईलैण्ड की सबसे ऊँची चोटी
माउण्ट दोई इथानोंन (2565 मी.) पर भारत का तिरंगा लहराकर जब गोरखपुर हवाई अड्डा पर पहुँचे तो वहां पहले से ही मौजूद सैकड़ो युवाओ एवं शहर वासियो ने भव्य स्वागत किया.
साथ ही शहर के अन्य चौराहों-मोहद्दीपुर, पैडलेगंज चौराहा, शास्त्री चौक पर भी उनका स्वागत और अभिनंदन किया गया. बताते चलें कि
शास्त्री चौक प्रेस क्लब के पास पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश सिंह ने कहा कि
“भारत का गौरवशाली तिरंगा जब विदेश की चोटियों पर लहराता है तो गर्व होता है. आज वियतनाम और थाईलैंड के देश को फतह करने के बाद गोरखपुर आने पर जो स्वागत व सम्मान यहां के लोगों ने दिया उससे अभिभूत हूँ. आगे भी ऐसे ही भारत का तिरंगा लहराता रहूँगा क्योंकि इससे प्रेरणा मिलती है.”
नीतीश के स्वागत कार्यक्रम में पुनीत पांडेय, विशाल सिंह, नीरज सिंह, विवेक सिंह, मधुसूदन दास, विवेकानंद, आनंद सिंह, प्रमोद सिंह, संजय सिंह, अजय सिंह, राहुल वर्मा, रवि शुक्ला, आयुष द्विवेदी, कमलेश सिंह, विमलेश सिंह, अभिषेक सिंह, दिव्यांशु पाण्डेय, अमन सक्सेना, उत्कर्ष आदि उपस्थित रहे.
नीतीश के खास मिशन :
नीतीश का अगला मिशन 1000 दिन में 100 अंतर्राष्ट्रीय चोटियों को फतह करना है. यह मिशन सर्व शिक्षा अभियान के तहत अशिक्षित बच्चों को शिक्षित करने के लिए समर्पित होगा.
पर्वतारोही नीतीश सिंह पुत्र शहीद सैनिक अमरजीत सिंह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के राजेंद्र नगर पश्चिमी न्यू कॉलोनी के निवासी हैं. उनका मूल निवास ग्राम सभा-रामपुर गोपालपुर (गोनरपुरा) विकासखंड-चरगांवा, जिला गोरखपुर है.
इनके पिता शहीद लांस नायक अमरजीत सिंह कारगिल युद्ध के समय वाहन दुर्घटना मे शहीद हो गये थे. नीतीश सिंह दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई किये है.

