टैक्स का आतंक, कीमतों का भय, महंगाई की आग वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सत्ता को क्रूर और लुटेरी बताकर पूर्वांचल गांधी डॉ संपूर्णानंद मल्ल ने सत्याग्रह का बिगुल फूंक दिया है.
इस संदर्भ में अपनी सूची जारी करते हुए बताया है कि वह 19 मार्च बनारस गोदौलिया लंका प्रो ओम शंकर BHU से मुलाकात, प्रो हरिश्वर दीक्षित क़े यहां स्टे, 20 मार्च इलाहाबाद सिविल लाइंस,
‘हाई कोर्ट’ सत्याग्रह एवं एडवोकेट हाई कोर्ट दीपक शुक्ला क़े यहां स्टे, 21 मार्च लखनऊ हजरतगंज में सत्याग्रह एवं जयकेश तिवारी क़े यहां स्टे, 22 मार्च सिधौली सीतापुर में प्रेस वार्ता, शाहजहांपुर मुरादाबाद में सत्याग्रह,
तकरेज सुफी से मुलाकात करके 22 की रात्रि अपने साडू राम कृपाल सिंह राजौरी गार्डन नई दिल्ली के यहां स्टे करेंगे. 23 मार्च को 12:00 बजे संसद पर सत्याग्रह करेंगे.
अब सवाल है कि आखिर सत्याग्रह कब तक? इनकी माँग है कि कर, कीमतों एवं महंगाई की समाप्ति या नरेंद्र मोदी के सत्ता से हटने एवं अर्थशास्त्री ,राजनीतिज्ञ, कानून विद ‘सुब्रमण्यम स्वामी के प्रधानमंत्री बनने तक.
हाउस अरेस्ट से अच्छा है मुझे कैदखाने में डाल दिया जाय क्योंकि सत्याग्रह मेरा मौलिक अधिकार है. मुझे हाउस अरेस्ट या रास्ते में अरेस्ट न करें, मेरा मौलिकअधिकार न छीने.
इस क्रम में इन्होंने अपनी और अपने परिवार की श्रेणीबद्ध सुरक्षा माँगा है क्योंकि गांधी की हत्या करने वालें हिंदुत्व के हुड़दंगाई, भगवा आतंकी, किसी समय मेरी हत्या कर सकते हैं.
मेरे साथ जो कुछ भी होगा उसके लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार होंगे क्योंकि सुरक्षा के लिए इनको एकाधिक बार लिख चुका हूं.
अपने अनेक पत्रों में इनकी यही माँग रहा है कि
-प्राण, जीवन यानी आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी, दूध, दही, दवा पर टैक्स समाप्त कर दें
-‘स्वतंत्रता यानी निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स समाप्त कर दें -गरीब, अमीर सबके लिए ‘एक समान’ नि:शुल्क शिक्षा, चिकित्सा, रेल यानि एक विद्यालय, एक चिकित्सालय, एक रेल की व्यवस्था कर दें
-‘पुरानी पैसेंजर एवं मेल एक्सप्रेस पुराने किराए पर पूर्ववत चला दें, -वंदे भारत का किराया मेल एक्सप्रेस के बराबर करे दें -‘वन नेशन’ ‘एक पेंशन’ के तहत सरकारी कर्मचारी वकील,
पत्रकार, अग्निवीर, सैनिकों को विधायिका के सांसद विधायकों के बराबर पेंशन दें, -भूमिहीन किसान, किसान असंगठित मजदूर, मजदूर को प्रतिमाह 3000 का पेंशन दें. मुझे गांधी का स्वराज, पटेल की एकता, भगत सिंह का समाजवाद, अंबेडकर का संविधान, कलाम का वैज्ञानिक राष्ट्र चाहिए


